आदिवासी पारंपरिक स्वशासन, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को समर्पित विशेष आयोजन
माझी पारगाना माहाल, कोल्हान प्रमंडल की ओर से आदिवासी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपराओं और सामुदायिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम 06 सितंबर 2026, रविवार को दिशोम जाहेरथान, करनडीह, जमशेदपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे होगा।
🌿 कार्यक्रम का उद्देश्य
माझी पारगाना माहाल आदिवासी समाज की पारंपरिक सामाजिक एवं स्वशासन व्यवस्था, संस्कृति, रीति-रिवाज, सामाजिक अनुशासन और सामुदायिक एकता को संरक्षित एवं मजबूत करने की दिशा में कार्य करता है।
इस विशेष आयोजन के माध्यम से समाज की पारंपरिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने, नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने तथा सामाजिक एकता एवं आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम में पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों एवं समुदाय के लोगों की सहभागिता रहेगी।
📍 कार्यक्रम का स्थान एवं समय
स्थान: दिशोम जाहेरथान, करनडीह, जमशेदपुर
दिनांक: 06 सितंबर 2026, रविवार
समय: प्रातः 10:00 बजे
कार्यक्रम में धाड़, कुचूंग, बारहा, पातकोम एवं सिंज दिशोम से जुड़े समाज के लोगों की सहभागिता अपेक्षित है।
👥 कार्यक्रम के प्रमुख प्रतिनिधि
इस कार्यक्रम के लिए अलग-अलग प्रतिनिधियों की सहभागिता एवं प्रबंधन से संबंधित दो पोस्टर जारी किए गए हैं।
01. मान दासमात हांसदा
पारगाना बाबा, जुनासलाई तिरोप
कार्यक्रम के आयोजन एवं सामाजिक प्रतिनिधित्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
02. मान दुर्गा चरण मुर्मू
देश पारानिक बाबा, धाड़ दिशोम
कार्यक्रम के आयोजन एवं पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था से जुड़े दायित्वों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इन दोनों प्रतिनिधियों के माध्यम से कार्यक्रम को सामाजिक एवं पारंपरिक व्यवस्था के अनुरूप व्यवस्थित रूप से संचालित करने की दिशा में सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
🌳 परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश
आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान, पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और सामुदायिक जीवन-पद्धति से जुड़ी हुई है। जाहेरथान जैसे पारंपरिक स्थल समाज की आस्था, संस्कृति और सामुदायिक जीवन के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं।
ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक समाज की पारंपरिक व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को पहुँचाना भी है।
माझी पारगाना माहाल, कोल्हान प्रमंडल इसी सामाजिक एवं पारंपरिक विरासत को सहेजते हुए समाज में एकता, सहयोग और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
🤝 समाज के सभी लोगों से सहभागिता का आह्वान
माझी पारगाना माहाल, कोल्हान प्रमंडल की ओर से समाज के सभी संबंधित लोगों से इस विशेष कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया जाता है।
यह आयोजन हमारी परंपरा, संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था और सामूहिक एकता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
आइए, हम सभी मिलकर अपनी पारंपरिक विरासत को सम्मान दें, अपनी संस्कृति को संरक्षित करें और आने वाली पीढ़ियों तक अपनी पहचान एवं परंपराओं को मजबूती के साथ पहुँचाएं।
जोहार मारांग बुरू! 🌿
परंपरा हमारी • एकता हमारी • समाज हमारी पहचान
📌 कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोजक | माझी पारगाना माहाल, कोल्हान प्रमंडल |
| कार्यक्रम | विशेष पारंपरिक एवं सामाजिक कार्यक्रम |
| दिनांक | 06 सितंबर 2026, रविवार |
| समय | प्रातः 10:00 बजे |
| स्थान | दिशोम जाहेरथान, करनडीह, जमशेदपुर |
| सहभागिता क्षेत्र | धाड़, कुचूंग, बारहा, पातकोम एवं सिंज दिशोम |
| प्रमुख प्रतिनिधि | मान दासमात हांसदा एवं मान दुर्गा चरण मुर्मू |
📞 संपर्क
8340155344, 9304387067, 8709685672, 7667192729, 6201402690, 9931633284




