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लुगु बुरु में 26वें अंतर्राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन की तैयारी हेतु बैठक

अक्टूबर 4, 2026

6:03 अपराह्न

Majhi Pargana Mahal

लुगु बुरु में 26वें अंतर्राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन की तैयारी हेतु बैठक

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लुगू बुरु में 26वां अंतर्राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न

चट्टानी, गोमिया (बोकारो) | 03 अक्टूबर 2026

आगामी 22, 23 एवं 24 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा (सोहोराय कुनामी चाँदो) के अवसर पर आयोजित होने वाले 26वें अंतर्राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन की तैयारियों को लेकर 03 अक्टूबर 2026, शनिवार को लुगु बुरु घंटा बाड़ी धोरोम गाढ़ दोरबार, चट्टानी (गोमिया, बोकारो) में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री बबुली सोरेन ने की, जबकि मंच संचालन समिति के सचिव श्री लोबीन मुर्मू द्वारा किया गया। बैठक में झारखंड के विभिन्न जिलों, जिनमें पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा और दुमका सहित अन्य क्षेत्रों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वहीं, असम से श्री महावीर बास्की भी विशेष रूप से बैठक में उपस्थित रहे।

दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि

बैठक की शुरुआत समिति के दिवंगत सक्रिय सदस्यों की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद आगामी महासम्मेलन की तैयारियों, व्यवस्थाओं और सामाजिक भागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

पारंपरिक व्यवस्था और धोरोम गाढ़ की भूमिका पर चर्चा

बैठक में वक्ताओं ने लुगु बुरु घंटा बाड़ी को संथाल समाज के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पारंपरिक स्थल के रूप में बताया। वक्ताओं ने कहा कि यह स्थल अपनी पारंपरिक व्यवस्था और धोरोम गाढ़ की मान्यताओं के अनुरूप संचालित होता है।

बैठक में पारंपरिक धार्मिक एवं सामाजिक व्यवस्था के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया तथा इसे लेकर उपस्थित प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताएं और विचार साझा किए।

गांव-गांव चलाया जाएगा सदस्यता अभियान

महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव सदस्यता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में प्रत्येक गांव से युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया, ताकि महासम्मेलन में समाज के सभी वर्गों की व्यापक सहभागिता हो सके।

महासम्मेलन के माध्यम से संथाल समाज की पारंपरिक रीति-रिवाज, पूजा पद्धति, धोरोम संस्कृति, न्याय प्रणाली तथा जन्म से मृत्यु तक के सामाजिक कार्यक्रमों को लोगों के बीच प्रस्तुत और संरक्षित करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही बिन्ती और बाखेंण के माध्यम से समाज की पारंपरिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक ज्ञान-परंपरा को आगे बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी रहेगा जोर

महासम्मेलन में समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास, रोजगार और व्यवसाय जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल हैं।

विशेष रूप से युवा पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना पर चर्चा की गई। महासम्मेलन के दौरान सामाजिक और धार्मिक विषयों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाने की भी संभावना है।

असम से आए प्रतिनिधि ने जताया समर्थन

असम से बैठक में शामिल हुए श्री महावीर बास्की ने समिति के सदस्यों एवं समस्त झारखंडवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि लुगु बुरु धोरोम गाढ़ से बनने वाले नियमों और सामाजिक दिशा-निर्देशों को असम के संथाल समाज तक पहुंचाने और लागू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने लुगु बुरु से निरंतर जुड़े रहने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना, व्यवस्थाओं पर चर्चा

आगामी महासम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए बैठक में विभिन्न व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इनमें मुख्य रूप से:

  • श्रद्धालुओं के लिए पानी की व्यवस्था
  • बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था
  • श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था
  • विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर
  • धोरोम गाढ़ दोरबार चाटानी से लुगु बाबा गुफा तक स्वास्थ्य सेवाएं
  • श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त खिचड़ी वितरण
  • भीड़ प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं

शामिल हैं।

विभिन्न क्षे

त्रों से प्रतिनिधियों की भागीदारी

बैठक में विभिन्न क्षेत्रों एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से श्री बबुली सोरेन (अध्यक्ष), श्री लोबीन मुर्मू (सचिव), श्री मिथलेश किस्कू (उप सचिव), श्री दुर्गा चरण मुर्मू (देश पारानिक बाबा, धाड़ दिशोम), श्री बिंदे सोरेन (जोगो पारानिक), श्री सुरेंद्र टुडू (लुगु गोडेत), श्री नवीन मुर्मू (देश पारानिक, कुचूं दिशोम), माझी बाबा मदन बास्के, सुनीता टुडू (जिला परिषद सदस्य), सुनील टुडू (दिशोम परगना, बोकारो), दिनेश कुमार मुर्मू (जागेसर मांझी परगना, गोमिया), शिवराम हांसदा, बुधन हांसदा, शिवचरण सोरेन, रमेश मुर्मू, फूलचंद हेम्ब्रम, जीवन किस्कू (सोहो परगना), सुरेश सोरेन (पुण्य थान अध्यक्ष), अनिल हांसदा (परगना सलाहकार), आशा मुर्मू, रोयल हांसदा, रमेश मरांडी, लुदू मांझी एवं महावीर बास्की (असम) सहित सैकड़ों धर्म श्रद्धालु उपस्थित रहे।

22 से 24 नवंबर तक होगा महासम्मेलन

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने आगामी 22, 23 एवं 24 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले 26वें अंतर्राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी करने का संकल्प लिया।

महासम्मेलन के माध्यम से संथाल समाज की पारंपरिक धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत को आगे बढ़ाने, युवा पीढ़ी को अपनी परंपरा से जोड़ने तथा समाज के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श करने का प्रयास किया जाएगा।

धन्यवाद सह जोहार।

भवदीय

दुर्गा चरण मुर्मू
देश पारानिक बाबा, धाड़ दिशोम

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